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सप्तकोशी परिक्रमा से संवरेगा चंपावत का शिव धाम, मुख्यमंत्री की घोषणा का धर्माचार्यों ने किया जोरदार स्वागत।
कैलाश-मानसरोवर और आदि कैलाश न जा पाने वाले शिवभक्तों को यहीं मिलेगा पुण्य अर्जित करने का अवसर, मानेश्वर धाम को भी धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद।
चंपावत। भगवान शिव की सप्तकोशी परिक्रमा को पुनर्जीवित कर चंपावत को भव्य शिव धाम के रूप में विकसित करने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा का धर्माचार्यों, साधु-संतों और विद्वानों ने गर्मजोशी से स्वागत किया है। धर्माचार्यों का कहना है कि यह पहल चंपावत को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली साबित होगी।
मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुसार जो शिवभक्त कैलाश मानसरोवर अथवा आदि कैलाश की तीर्थयात्रा नहीं कर पाते हैं, वे चंपावत में सप्तकोशी की परिक्रमा कर भगवान शिव का आशीर्वाद और पुण्य अर्जित कर सकेंगे। साथ ही उन्हें मानेश्वर जैसे प्राचीन शिवधाम में विश्राम करने और मानसरोवर के पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक करने का अवसर भी मिल सकेगा।
मानेश्वर धाम को लेकर क्षेत्र में प्रचलित पौराणिक मान्यताएं इसे और भी विशिष्ट बनाती हैं। मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस स्थान पर पड़ाव डाला था। युधिष्ठिर को अपने पिता पांडु का श्राद्ध करने के लिए मानसरोवर जाना था, लेकिन खराब मौसम के कारण यात्रा संभव नहीं हो पा रही थी।
कहा जाता है कि युधिष्ठिर की चिंता को समझते हुए अर्जुन ने यहां मानसरोवर के जल का आवाहन किया और अपने बाण से धरती पर प्रहार किया। इसके बाद यहां जलधारा फूट पड़ी। इसी जल से युधिष्ठिर ने अपने पिता का श्राद्ध किया और बाद में शिव-शक्ति की स्थापना कर भगवान शिव का अभिषेक किया। इसी पौराणिक आस्था के कारण मानेश्वर धाम आज भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। जून माह के तीसरे सप्ताह में जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने के बाद मनीष कुमार द्वारा जिले के मठ-मंदिरों को रोशनी में लाने, धार्मिक स्थलों के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी धर्माचार्यों ने सराहना की है।
मानेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धर्मराज पुरी जी महाराज ने जिलाधिकारी मनीष कुमार को मानेश्वर धाम में शिवपट ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी जिस सोच और सक्रियता के साथ चंपावत को मॉडल जिले के रूप में विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, उससे आने वाले समय में प्रस्तावित शिव धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
मुख्यमंत्री द्वारा सप्तकोशी परिक्रमा को पुनर्जीवित करने की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने भी इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने परिक्रमा मार्ग और इससे जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास का रोडमैप तैयार करने के लिए संबंधित लोगों से संवाद शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मानेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धर्मराज पुरी जी महाराज से भी जिलाधिकारी की विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासन और धर्माचार्यों के बीच हुए इस संवाद को सप्तकोशी परिक्रमा को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सप्तकोशी परिक्रमा के पुनर्जीवन की योजना साकार होती है तो चंपावत में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और तीर्थ पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
फोटो मानेश्वर धाम में जिलाधिकारी मनीष कुमार को शिवपट ओढ़ाकर सम्मानित करते मानेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धर्मराज पुरी जी महाराज।