🔊
पांच सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मेसी अधिकारियों ने खोला मोर्चा।
बांह पर काला फीता बांधकर जताया विरोध, 391 पद बहाल करने समेत लंबित मांगों के समाधान की उठाई आवाज।
चंपावत। अपनी पांच सूत्रीय मांगों के समाधान को लेकर जिलेभर के फार्मेसी अधिकारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार से जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालयों, पीएचसी और स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात फार्मेसी अधिकारियों ने बांह पर काला फीता बांधकर काम करते हुए विरोध दर्ज कराया। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी और जिला मंत्री रोशन लाल ने बताया कि संगठन की ओर से 17 अगस्त को शासन को ज्ञापन देकर मांगों के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। संगठन की प्रमुख मांगों में वर्ष 2009 के बाद नियुक्त फार्मेसी अधिकारियों की एसीपी विसंगति दूर करने, स्वास्थ्य उपकेंद्रों के स्थगित 391 पदों को बहाल करने, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने, विषम परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार के लिए सूचीबद्ध दवाएं देने का अधिकार और चारधाम यात्रा में तैनात फार्मेसी अधिकारियों के लंबित यात्रा भत्तों का भुगतान शामिल है। विरोध प्रदर्शन में जिला चिकित्सालय चंपावत, उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट व टनकपुर समेत बाराकोट, पाटी, खेतीखान, देवीधुरा, रीठा साहिब, पुल्ला, चौमेल, स्वांला सहित जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात फार्मेसी अधिकारी शामिल रहे। संगठन ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
फोटो : चंपावत में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बांह पर काला फीता बांधकर विरोध जताते फार्मेसी अधिकारी।