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चम्पावत में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों से होगी टीबी की त्वरित जांच, ₹5.76 लाख का बजट स्वीकृत
चम्पावत, 05 सितम्बर 2026। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत जिले में टीबी की पहचान और जांच व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ और ‘टीबी हारेगा, प्रदेश जीतेगा’ के संकल्प को साकार करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चम्पावत जिले को ₹5.76 लाख का बजट स्वीकृत किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि टीबी को नियंत्रित करने के लिए बीमारी की शुरुआती स्तर पर पहचान बेहद जरूरी है। कई मामलों में मरीजों में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते, जिससे बीमारी की पहचान देर से होती है और संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।
इसी को देखते हुए जिले के दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से टीबी की जांच की जाएगी। हल्की और आसानी से ले जाई जा सकने वाली इन मशीनों की मदद से स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव पहुंचकर संवेदनशील एवं संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगी।
योजना के तहत एक्स-रे तकनीशियनों को प्रति एक्स-रे जांच ₹10 की प्रोत्साहन राशि आउटपुट-बेस्ड मानदेय के रूप में दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर टीबी के संभावित मामलों की समय पर पहचान करना है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित विभागों को जिले के सभी दुर्गम क्षेत्रों में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य टीमों को घर-घर एवं दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर संदिग्ध और संवेदनशील वर्गों की सघन जांच करने को कहा, ताकि कोई संभावित मरीज जांच से वंचित न रह जाए।
जिलाधिकारी ने जांच प्रक्रिया में वित्तीय एवं प्रशासनिक नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों में टीबी की पुष्टि होती है, उन्हें तत्काल निशुल्क दवाएं और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उपचार समय पर शुरू हो सके और जिले को टीबी मुक्त बनाने के अभियान को गति मिले।