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यमुना में खनन के गड्ढों ने ली 6 किशोरियों की जान: तीन सगी बहनों समेत हुआ दर्दनाक हादसा, गांव में मचा कोहराम, यमुना में मौत के गड्ढे: गहरे पानी में फंस गईं छह किशोरियां, तड़पती रहीं...जिस तरह गई जान, कांप जाएगा कलेजा
आगरा, 4 जून –
थाना सिकंदरा क्षेत्र के नगला नाथू गांव में सोमवार को यमुना नदी में दर्दनाक हादसा हो गया। नदी में नहाने गईं छह किशोरियां गहरे पानी में फंसकर डूब गईं। मृतकों में एक ही परिवार की तीन सगी बहनें भी शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, परिजन बदहवास हैं।
कैसे हुआ हादसा
गांव निवासी सुरेशचंद्र की तीन बेटियां – मुस्कान (18), दिव्या (15) और संध्या उर्फ कंचन (12) – अपने मौसेरे, चचेरे भाई-बहनों और रिश्तेदारों के साथ यमुना में नहाने गई थीं। उनके साथ नैना (14) पुत्री दिनेश, शिवानी (17) पुत्री अशोक कुमार, और सोनम (12) भी थीं। ये सभी किशोरियां खनन से बने गहरे गड्ढे में फंस गईं और एक-एक कर डूबती चली गईं। गांव वालों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन देर हो चुकी थी।
खनन से बने मौत के गड्ढे
स्थानीय लोगों का कहना है कि यमुना में खनन के कारण कई जगहों पर जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। ये इतने गहरे हैं कि सामान्य व्यक्ति को अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। प्रशासन इन इलाकों में न तो चेतावनी बोर्ड लगाता है, न बैरिकेडिंग करता है। खास मौकों पर रस्सी-बल्लियों से खानापूर्ति की जाती है, लेकिन रोजमर्रा में कोई ध्यान नहीं देता।
पुलिस आयुक्त की अपील
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि गंगा दशहरा जैसे पर्वों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन आम दिनों में भी लोग सतर्क रहें। उन्होंने माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों को यमुना में अकेले न भेजें, विशेषकर तब जब उन्हें तैरना न आता हो।
प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका कहना है कि यमुना के किनारे बसे गांवों में अक्सर हादसे होते हैं, लेकिन जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग गंभीर नहीं है। नदियों के किनारे चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और गश्त जैसी जरूरी व्यवस्था तक नहीं की जाती।
क्या कहता है कानून?
अवैध खनन और उसके कारण बने गड्ढों से हादसे होने पर प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई है। सवाल यह है कि कितनी और जानें जाने के बाद सिस्टम जागेगा?
यह हादसा न केवल एक परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। यमुना जैसे नदी घाटों पर खनन के कारण बने खतरनाक गड्ढों को लेकर प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने की जरूरत है।