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45 किलो सोने से जगमगा रहा अयोध्या का भव्य राम मंदिर, निर्माण में लगे 50 करोड़ रुपये के खरे सोने का उपयोग
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने किया बड़ा खुलासा
अयोध्या, जून 2025:
अयोध्या में बन रहा भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर एक बार फिर चर्चा में है, और इस बार वजह है इसकी भव्यता में चार चांद लगाता शुद्ध सोना। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने खुलासा किया है कि मंदिर के निर्माण में कुल 45 किलोग्राम खरे (24 कैरेट) सोने का उपयोग किया गया है। इस सोने की बाजार कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
उन्होंने बताया कि यह सोना मंदिर की सजावट, गर्भगृह, राम दरबार और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में कलात्मकता और दिव्यता को बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाया गया है। यह सुनकर न केवल श्रद्धालु बल्कि देशभर के लोग इस धार्मिक धरोहर की भव्यता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
भव्यता के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है राम मंदिर
अयोध्या में निर्मित यह मंदिर वर्तमान में एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है। हर दिन लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। हाल ही में राम दरबार का निर्माण और मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा भी सम्पन्न हो चुकी है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और संख्या दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है।
इस अद्वितीय मंदिर का निर्माण कार्य जिस स्तर पर किया जा रहा है, वह पूरे देश में एक प्रेरणा बनकर उभरा है। मंदिर की स्थापत्य कला, परंपरा और आधुनिक तकनीक का मिश्रण इसे एक ऐतिहासिक धरोहर बना रहा है।
सोने का उपयोग कहाँ हुआ?
गर्भगृह की छत और मुख्य अलंकरण में
राम दरबार की सजावट में
कुछ स्तंभों और द्वारों पर कलात्मक जड़ाई के रूप में
श्रद्धा और स्वर्ण का संगम
राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक परियोजना नहीं, बल्कि यह देश की आस्था, गौरव और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुका है। 45 किलो खरे सोने का यह उपयोग इसकी दिव्यता और महत्व को और भी बढ़ा देता है।
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