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जनपद चम्पावत: पंचायत आरक्षण सूची से युवाओं को झटका, अनारक्षित पुरुषों की सीटों का टोटा
चम्पावत – जनपद चम्पावत की समस्त पंचायतों की आरक्षण सूची आखिरकार जारी कर दी गई है। लेकिन इस सूची ने उन हजारों युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है जो पंचायत चुनावों में भाग लेने की तैयारी कर रहे थे।
सूची में अनारक्षित औऱ पुरुषों की सीटें नाममात्र की रह गई हैं, और अधिकांश पदों पर महिलाओं का आरक्षण कर दिया गया है। कई पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा लंबे समय से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे, जनसंपर्क में लगे थे, जन सेवा का सपना देख रहे थे। लेकिन अब सूची देखकर वे हताश और आक्रोशित हैं, कई युवा पत्र में दिए आपत्ति के समय के अनुसार आपत्ति भी जाहिर कर सकते है।
अनारक्षित सीटों की तलाश बेकार
सूची में अनारक्षित औऱ पुरुषों के लिए शब्द ढूंढना तक मुश्किल हो गया है। युवाओं का कहना है कि यह सूची उनके लिए एक झटका है। वे वर्षों से स्थानीय स्तर पर सामाजिक सेवा कर रहे थे, और पंचायत चुनावों को अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत के रूप में देख रहे थे।
बेरोजगारी और निराशा के बीच टूटी उम्मीदें
बेरोजगार युवाओं के लिए पंचायत चुनाव एक अवसर था नेतृत्व का, सेवा का, और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम का। लेकिन सरकार द्वारा अत्यधिक महिला आरक्षण ने इस अवसर को सीमित कर दिया है।
युवाओं की प्रतिक्रिया
एक स्थानीय युवा ने कहा:
हमने महीनों से मेहनत की, लोगों से संपर्क बनाए, गांव की समस्याएँ समझीं और समाधान ढूंढे। अब जब चुनाव की बारी आई, तो सूची देखकर ऐसा लगा जैसे हमारी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया हो।
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मांग: संतुलन और पारदर्शिता
युवाओं ने सरकार से अपील की है कि आरक्षण नीति में संतुलन लाया जाए ताकि समाज के हर वर्ग के साथ महिला औऱ पुरुषों को समान अवसर मिल सके — विशेषकर उन युवाओं को, जो मेहनत से राजनीति में आकर बदलाव लाना चाहते हैं।