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उषा ने ग्रामोत्थान की सहायता से बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम, डेयरी व्यवसाय कर प्रतिमाह 19 हजार रुपये की आमदनी से अपनी आर्थिकी कर रहीं मजबूत।
चंपावत। लोहाघाट विकासखंड के अंतर्गत बलाई गांव निवासी उषा मनराल कृषि कार्यों के साथ डेयरी व्यवसाय कर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। उषा ने पशुपालन व्यवसाय की शुरुआत कर आत्मनिर्भर और स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाया है।
एनआरएलएम द्वारा गठित सिद्ध बाबा स्वयं सहायता समूह बलाई, लोहाघाट की एक गरीबतम समूह सदस्य उषा मनराल ने ग्रामोत्थान परियोजना के आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग से गाय पालन गतिविधि हेतु 35 हजार रुपये की ब्याजमुक्त की राशि प्राप्त की। जिससे उन्होंने उन्नत नस्ल की जर्सी गाय खरीदी, जो वर्तमान में 15-20 ली. दूध प्रतिदिन दे रही है, जिसे उषा देवी द्वारा नजदीकी डेयरी मे विक्रय किया जाता है।
उषा बताती हैं कि डेयरी व्यवसाय से मेरी आमदनी बढी है, इसे और बढ़ावा देने के लिए मैं गाय की संख्या में वृद्धि करना चाहती हैं , इससे क्षेत्र की अन्य महिलाएँ भी स्वरोजगार हेतु प्रेरित हो रही हैं।
उषा की इस पहल की मुख्य विकास अधिकारी डा जीएस खाती ने सराहना करते हुए कहा कि ग्रामोत्थान परियोजना द्वारा जनपद में ग्रामीण परिवारों की आय को दोगुना करना एवं पलायन को कम करने तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा मे सार्थक प्रयास किये जा रहे है।
फोटो . पशुपालन करतीं उषा मनराल।