🔊
बाराकोट में कूड़ा बना महामारी का खतरा, तीन सप्ताह से नहीं हुई सफाई
बाराकोट (चंपावत), 17 जून 2025:
बाराकोट गांव में कूड़े की समस्या लोगों के लिए गंभीर सरदर्द बन गई है। जिला पंचायत द्वारा पिछले तीन सप्ताह से कूड़ा नहीं उठाया गया है, जिससे इलाके में गंदगी का अंबार लग गया है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, 5 से 10 दुकानदारों और 10 से 15 परिवारों द्वारा प्रतिदिन कूड़ा इसी स्थान पर फेंका जा रहा है। यह कूड़ा बारिश के पानी के साथ बहकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की आवासीय कॉलोनी तक पहुंच रहा है। इससे कॉलोनी में महामारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
बाराकोट में बरसाती पानी के निकासी का समुचित प्रबंधन नहीं है। नतीजतन, हर वर्ष बरसात के मौसम में PHC की आवासीय कॉलोनी में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। कई बार कर्मचारियों के आवासों में पानी तक घुस जाता है, जिससे जनस्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
इतना ही नहीं, आवासीय परिसर में कुछ ग्रामीणों द्वारा गोबर के ढेर भी लगाए गए हैं, जिससे मच्छरों की भरमार हो रही है और डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
स्थानीय ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों ने जिला प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह समस्या एक बड़ी स्वास्थ्य आपदा का रूप ले सकती है।
प्रस्तावित समाधान:
नियमित रूप से कूड़ा उठाने की व्यवस्था की जाए।
बरसात से पहले जलनिकासी की साफ-सफाई कराई जाए।
PHC कॉलोनी के आसपास कचरा और गोबर डालने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए।