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19 जून से 3 जुलाई तक सिकल सेल जागरूकता अभियान, बाराकोट ब्लॉक के सभी आयुष्मान भारत आरोग्य मंदिरों में होंगे कार्यक्रम
चम्पावत।
हर वर्ष 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2025 में 19 जून से 3 जुलाई तक सिकल सेल रोग के प्रति जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य आमजन को इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी के लक्षण, बचाव व उपचार के प्रति जागरूक करना है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी चम्पावत द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, इस अवधि में विभिन्न कार्यक्रमों, रैलियों और प्रचार गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बाराकोट डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि यह अभियान बाराकोट ब्लॉक के सभी आयुष्मान भारत-आरोग्य मंदिरों में आयोजित किया जाएगा।
विश्व सिकल सेल दिवस का उद्देश्य:
आम जनता, वैज्ञानिकों व स्वास्थ्य कर्मियों को रोग की पहचान से लेकर इलाज तक की जानकारी देना।
विवाह पूर्व जीन जांच की जागरूकता फैलाकर आने वाली पीढ़ियों को रोग से बचाना।
प्रभावित लोगों को समय पर परामर्श, जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना।
वर्ष 2025 की थीम:
वैश्विक कार्रवाई, स्थानीय प्रभाव: कोलोराडो को मजबूत बनाना
(Global Action, Local Impact: Strengthening Colorado)
सिकल सेल रोग क्या है?
यह एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें लाल रक्त कण गोल न होकर हंसिए (सिकल) आकार के हो जाते हैं।
इससे रक्त संचार बाधित होता है, जिससे अंगों में तेज दर्द, सूजन, संक्रमण और कभी-कभी मृत्यु तक की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
यह तब होता है जब माता-पिता दोनों से HbS जीन प्राप्त होता है। एक जीन होने पर व्यक्ति "कैरियर" होता है।
उपचार एवं प्रबंधन:
स्थायी इलाज दुर्लभ है, परंतु दवाओं, रक्त आधान, टीकाकरण व परामर्श से जीवन सामान्य बनाया जा सकता है।
गंभीर मामलों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट संभव उपाय हो सकता है।
भारत में स्थिति:
यह रोग मुख्यतः आदिवासी व सामाजिक रूप से वंचित समुदायों में देखा जाता है।
सर्वाधिक प्रभावित राज्य: महाराष्ट्र, एमपी, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना।
सरकारी पहल: राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 जुलाई 2023 को मिशन की शुरुआत।
लक्ष्य: वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल रोग से मुक्त करना।
7 करोड़ लोगों की आनुवंशिक स्क्रीनिंग, मुफ्त परामर्श, पूर्व विवाह व गर्भावस्था जांच, और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।