🔊
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 को लेकर चम्पावत प्रशासन सतर्क, नोडल एवं सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त
चंपावत, 19 जून 2025
जनपद चम्पावत में त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2025 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियाँ तेज़ कर दी गई हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) श्री नवनीत पाण्डे ने निर्वाचन से संबंधित विभिन्न कार्यों हेतु नोडल, प्रभारी एवं सहायक प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की है।
इन नियुक्तियों का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया के सभी चरणों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए, विभागीय समन्वय के साथ उत्तरदायित्वों का सफल निर्वहन सुनिश्चित करना है।
प्रमुख नोडल व प्रभारी अधिकारी
प्रशिक्षण: डॉ. जी.एस. खाती (मुख्य विकास अधिकारी) – नोडल अधिकारी
निर्वाचक नामावली व कानून व्यवस्था: जयवर्द्धन शर्मा (एडीएम) – नोडल अधिकारी
कार्मिक प्रबंधन: मेहरबान सिंह बिष्ट (मुख्य शिक्षा अधिकारी) – नोडल अधिकारी
यातायात व्यवस्था: सुरेन्द्र कुमार (एआरटीओ) – नोडल अधिकारी
मतदान सामग्री: दिनेश सिंह दिगारी (जिला विकास अधिकारी) – नोडल अधिकारी
विद्युत व्यवस्था: विजय कुमार सकारिया (अधिशासी अभियंता, विद्युत)
कंट्रोल रूम: देवेंद्र पटवाल (जिला प्रबंधन अधिकारी)
सूचना, मीडिया एवं वीडियोग्राफी: धीरज कार्की (जिला सूचना अधिकारी)
चिकित्सा व्यवस्था: डॉ. देवेश चौहान (मुख्य चिकित्सा अधिकारी)
लिक्वर मॉनीटरिंग: राजेन्द्र लाल साह (जिला आबकारी अधिकारी)
पेयजल व्यवस्था: बिलाल यूनिस (अधिशासी अभियंता, जल संस्थान)
निर्वाचन प्रक्रिया का बहु-स्तरीय समन्वय
प्रत्येक विकासखंड हेतु खंड विकास अधिकारियों को समन्वयक अधिकारी नियुक्त किया गया है:
लोहाघाट – श्री कविन्द्र सिंह
चंपावत – श्री अशोक सिंह अधिकारी
पाटी – श्री अवनीश उपाध्याय
बाराकोट – सुश्री मोनिका पाल
इसके अतिरिक्त मतदान स्थल व्यवस्थाएं, टेंटिंग/बैरिकेडिंग, खानपान, डाटा मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक, मार्केटिंग दर निर्धारण आदि विषयों पर भी अलग-अलग अधिकारियों को दायित्व सौंपे गए हैं।
निर्देश व अपेक्षाएं
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी नामित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता व समयबद्धता से कार्य करें। विभागीय तालमेल व जिम्मेदारियों के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया है।
यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि चम्पावत जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव न केवल शांतिपूर्ण, बल्कि उदाहरणात्मक और लोकतांत्रिक मूल्यों की मिसाल बने।