🔊
1942 में बना एबट माउंट का ऐतिहासिक चर्च अब मरम्मत के अभाव में जर्जर हालत में, प्रशासन का ध्यान जरूरी, इन दिनों प्रत्येक दिन आ रहे है हजारों पर्यटक
लोहाघाट (चंपावत)।
एबट माउंट की खूबसूरत वादियों में स्थित 1942 में बना ऐतिहासिक चर्च इन दिनों अपनी दुर्दशा के कारण अंतिम सांसें गिन रहा है। कभी अपनी भव्यता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध यह चर्च अब मरम्मत के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है।
आजकल हजारों पर्यटक एबट माउंट की खूबसूरती देखने पहुंच रहे हैं और इसी के साथ इस चर्च का भी दीदार कर रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसकी भौतिक स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों का मानना है कि यह ऐतिहासिक धरोहर पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, और यदि इसकी जल्द मरम्मत न कराई गई तो यह क्षेत्र की विरासत को एक अपूर्णनीय क्षति होगी।
चर्च को चाहिए तत्काल संरक्षण
चर्च की छत, दीवारें और फर्श, फर्नीचर अब क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। मौसम की मार और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण इसका ढांचा दिन-ब-दिन कमजोर होता जा रहा है। ऐसे में सरकार व प्रशासन से मांग है कि इस धरोहर की मरम्मत और संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण
एबट माउंट पहले ही शांत वातावरण, प्रकृतिक सौंदर्य और औपनिवेशिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। यदि इस चर्च का जीर्णोद्धार किया जाए, तो यह न केवल एक धार्मिक स्थल के रूप में बल्कि एक ऐतिहासिक पर्यटक आकर्षण के रूप में और अधिक निखर कर सामने आ सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस ओर गंभीर ध्यान देने की अपील की है ताकि ये ऐतिहासिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: