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चंपावत: पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति को सात साल की सजा
चंपावत, संवाद न्यूज एजेंसी।
जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार सांगल की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति को सात साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 75 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। यदि आरोपी यह अर्थदंड नहीं चुका पाया, तो उसे अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी।
मामला अक्टूबर 2022 का
यह मामला अक्टूबर 2022 में पार्टी थाना अंतर्गत सरतोली गांव का है, जहां विवाहिता भावना ने घरेलू कलह से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका के पिता ने थाने में तहरीर देते हुए अपने दामाद जगदीश जोशी पर उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।
साढ़े तीन साल में आया फैसला
करीब तीन साल पुराने इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी जगदीश जोशी को दोषी करार दिया। अदालत ने पाया कि विवाहिता पर लगातार मानसिक और शारीरिक अत्याचार किए जा रहे थे, जिससे वह तनाव में आ गई और आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
घटना का विवरण
10 अक्टूबर 2022 की सुबह विवाहिता ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पारिवारिक बयान से यह स्पष्ट हुआ कि ससुराल में पति द्वारा लगातार मारपीट और प्रताड़ना से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थी। पीड़िता के पिता ने बेटी के द्वारा फोन पर की गई बातचीत का हवाला देते हुए अदालत को बताया कि बेटी ने पति की मारपीट और दुर्व्यवहार की कई बार शिकायत की थी।
अदालत की टिप्पणी
न्यायालय ने कहा कि विवाहिता को आत्महत्या के लिए विवश करना एक गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि समाज में महिला उत्पीड़न पर लगाम लगाई जा सके।