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राष्ट्रीय राजमार्ग के संवेदनशील स्थानों का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण, यातायात सुचारु रखने के लिए हर स्थिति में अपनाए जाएं एहतियाती उपाय: जिलाधिकारी
चंपावत।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के 75 किलोमीटर के दायरे में स्थित संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण मानसून सीजन में चंपावत-पिथौरागढ़ मार्ग पर होने वाली यातायात बाधाओं और दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से किया गया।
जिलाधिकारी ने स्वाला क्षेत्र में भारी वर्षा के चलते चट्टानों के खिसकने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों पर सतर्कता संकेतक (वॉर्निंग बोर्ड) लगाए जाएं, जिससे वाहन चालकों को समय रहते खतरे का आभास हो सके और वे सावधानीपूर्वक वाहन चला सकें।
चल्थी पुल के समीप सड़क के धंसने से हो रही असुविधा का संज्ञान लेते हुए उन्होंने वहां स्थायी समाधान निकालने और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने भूस्खलन संभावित स्थानों पर जेसीबी मशीनें पहले से तैनात रखने को भी कहा, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तुरंत राहत कार्य किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान एडीएम जयवर्धन शर्मा, एसडीएम अलकेश नौडियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, एनएच के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी एवं पीडब्ल्यूडी के ईई एम.सी. पलड़िया उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन:
जिलाधिकारी मनीष कुमार राष्ट्रीय राजमार्ग के संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करते हुए।
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