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सीमावर्ती गांवों में विकास की पड़ताल, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत सैलानीगोठ और मडुआ गांवों का निरीक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति पर रहा विशेष फोकस
चंपावत, 26 जून 2025 (सू.वि.)
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद चंपावत के सीमांत गांव सैलानीगोठ एवं मडुआ (लोहाघाट) का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती के निर्देशन में संपन्न हुआ।
सैलानीगोठ का निरीक्षण अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नंदन सिंह आगरी एवं उनकी टीम द्वारा किया गया, जबकि मडुआ गांव का भ्रमण सहायक परियोजना निदेशक सुश्री विम्मी जोशी एवं उनकी टीम ने किया।
निरीक्षण के दौरान इन गांवों में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, इंटरनेट, पंचायत भवन एवं आंगनवाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति की समीक्षा की गई।
सैलानीगोठ में पेयजल, बिजली और 4G इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध पाई गई।
वहीं थपलियालखेड़ा में विद्युत और इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्पष्ट आवश्यकता अनुभव की गई।
शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति एवं पंचायत भवन की उपयोगिता पर स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर जमीनी हकीकत को समझा गया।
स्थानीय आजीविका संवर्धन के लिए गौपालन, बकरी पालन, महिला बकरी पालन एवं मुर्गी पालन इकाइयों की स्थिति पर चर्चा की गई तथा भविष्य की योजनाओं को लेकर रचनात्मक सुझाव लिए गए।
निरीक्षण दलों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी प्राथमिकताएं एकत्रित कीं और संबंधित विभागों को समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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