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पिथौरागढ़ में गूंजा नारा - कशिश को न्याय दो, सुप्रीम कोर्ट से आरोपी की बरी होने पर भड़का जनाक्रोश, भूतपूर्व सैनिक संगठन ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया
पिथौरागढ़। नगर में इन दिनों हर तरफ़ एक ही आवाज गूंज रही है कशिश को न्याय दो। नन्हीं कशिश को न्याय दिलाने के लिए पिथौरागढ़ के लोग फिर से सड़कों पर उतर आए हैं।
ज्ञात हो कि 20 नवंबर 2014 को पिथौरागढ़ की मासूम कशिश का हल्द्वानी में एक शादी समारोह से अपहरण कर दरिंदों ने दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। 25 नवंबर को उसका शव गौला जंगल से बरामद हुआ था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से एक बरी हो गया, दूसरे को पांच साल की सजा मिली और तीसरे अभियुक्त अख्तर अली को फास्ट ट्रैक कोर्ट व हाई कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। परिजनों को भरोसा था कि सुप्रीम कोर्ट भी इस सजा को बरकरार रखेगा, लेकिन 10 सितंबर 2025 को अखबारों के माध्यम से चौंकाने वाली खबर सामने आई कि सुप्रीम कोर्ट से आरोपी बरी हो गया।
इस फैसले ने कशिश के परिजनों और नगरवासियों को गहरा आघात पहुंचाया है। परिजनों का कहना है कि सरकार और सरकारी वकील ने मामले की कोई जानकारी नहीं दी, न ही तारीखों की जानकारी साझा की। इसी आक्रोश को लेकर आंदोलन तेज हो गया है।
आज भूतपूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कशिश के ताऊ जनक चंद ने आंदोलन को समर्थन देने वाले भूतपूर्व सैनिकों, कर्मचारियों, व्यापारियों, समाज सेवियों, राजनीतिक व सामाजिक संगठनों तथा छात्र-छात्राओं का आभार जताते हुए कहा कि जब तक कशिश को न्याय नहीं मिलेगा, यह संघर्ष जारी रहेगा।
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