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गंगोलीहाट में मकर संक्रांति पर उमड़ा आस्था का सागर, माँ हाट कालिका के दरबार में भक्तों की भारी भीड़।
गंगोलीहाट। कुमाऊं के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हाट कालिका मंदिर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर इस वर्ष भी श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण छाया रहा और मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
तड़के सुबह मंदिर के कपाट खुलते ही तीर्थपुरोहित पंकज पंत के नेतृत्व में विधिवत पूजा-अर्चना शुरू हुई। माँ हाट कालिका का पंचामृत—दूध, दही, घी, शहद और शक्कर—से अभिषेक किया गया। इसके बाद माता का भव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें नवीन वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित दिव्य स्वरूप ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष आरती और मंत्रोच्चारण के साथ देश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई।
सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लगी रहीं। पिथौरागढ़ जनपद सहित कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों, अन्य राज्यों और विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने भी दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। ‘जय माता दी’ और ‘हाट कालिका की जय’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा।
इस दौरान कुमाऊं की पारंपरिक ‘वाम पाद’ अर्पण की परंपरा भी विशेष रूप से निभाई गई। श्रद्धालुओं ने अपने और अपने परिजनों के नाम से माता के चरणों में वाम पाद अर्पित कर सुख-शांति और बाधा मुक्ति की कामना की।
मकर संक्रांति के अवसर पर गंगोलीहाट के अन्य मंदिरों—चामुंडा देवी, क्षमा देवी, अंबिका देवी और वैष्णवी देवी—में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर हवन, पूजा और भंडारे आयोजित किए गए, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय बना रहा।
स्थानीय प्रशासन और व्यापारियों के सहयोग से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, विश्राम और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे इतनी भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही।
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