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पेयजल संकट: 6 साल पहले बिछी पाइपलाइन, पर आज भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे सेलाकोटी के ग्रामीण।
गंगोलीहाट। विकास खंड गंगोलीहाट के अंतर्गत ग्राम सभा कंतोला के ग्राम सेलाकोटी पव्वाधार क्षेत्र में पीने के पानी की भीषण समस्या बनी हुई है। आलम यह है कि गाँव में करीब 6 साल पहले पेयजल योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछाई गई थी, लेकिन आज तक ग्रामीणों के घरों के नलों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। विभाग और प्रशासन की इस घोर लापरवाही के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
2 किलोमीटर दूर से पानी लाने की मजबूरी, बारिश पर निर्भरता
ग्रामीणों ने बताया कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए उन्हें रोजाना 2 किलोमीटर दूर पैदल सफर तय करना पड़ता है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि ग्रामीण छत और बरसात के पानी को बर्तनों व टैंकों में जमा कर उसे पीने को मजबूर हैं।
चिंता का विषय यह भी है कि अब बदलते मौसम चक्र के कारण पहले की तरह नियमित बरसात भी नहीं हो रही है, जिससे इस गर्मी के मौसम में ग्रामीणों की दिक्कतें कई गुना बढ़ गई हैं। गाँव में पानी की अत्यधिक कमी के कारण हर वर्ग निराश और परेशान है।
पानी नहीं, तो वोट नहीं- ग्रामीणों का अल्टीमेटम
स्थानीय जनता का कहना है कि जब सरकार और प्रशासन उन्हें पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, तो उनका दर्द और गुस्सा आना स्वाभाविक है। पेयजल किल्लत से बेहाल ग्रामीणों ने अब कड़ा रुख अख्तियार करते हुए नारा दिया है- अब पानी नहीं, तो वोट नहीं। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगामी चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाई आवाज
गाँव की इस गंभीर और लंबे समय से उपेक्षित समस्या को गंगोलीहाट के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भरत सिंह परगाई और उनके सहयोगी अजय बोराने प्रमुखता से उठाया है। दोनों कार्यकर्ताओं ने सेलाकोटी गाँव का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और इसे शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि पानी हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। 6 साल पहले लाइन बिछने के बाद भी पानी न मिलना विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। उन्होंने जल संस्थान और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल इस बंद पड़ी पेयजल योजना को सुचारू कर ग्रामीणों को राहत दी जाए, अन्यथा ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।