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पिथौरागढ़ में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज, चार बड़े आपदा परिदृश्यों पर हुई मॉक ड्रिल की समीक्षा
पिथौरागढ़, 30 जून। राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन मॉक एक्सरसाइज (टेबल टॉप एवं सीनारियो बेस्ड एक्सरसाइज) की तैयारियों को लेकर आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई। जनपद पिथौरागढ़ में बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में पिथौरागढ़ के संवेदनशील क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख संभावित आपदा परिदृश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों एवं आपसी समन्वय की समीक्षा की गई।
इन चार आपदा परिदृश्यों पर हुई चर्चा
मुनस्यारी के धापा गांव में रॉक फॉल और शूटिंग स्टोन की घटना, जिसमें भारी बारिश के कारण बोल्डर गिरने से मकानों, वाहनों और गौशालाओं को नुकसान तथा लोगों के मलबे में फंसने की स्थिति।
तवाघाट के राँती पुल के पास बड़े भूस्खलन से धारचूला–तवाघाट मार्ग बंद होने, कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश यात्रा के तीर्थयात्रियों के फंसने तथा बिजली और संचार सेवाओं के बाधित होने की स्थिति।
बारम क्षेत्र में गोरीगंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से टो इरोजन के कारण जौलजीबी–मदकोट सड़क के क्षतिग्रस्त होने, कृषि भूमि, पेयजल योजनाओं और घरों पर खतरे की स्थिति।
कैलाश मानसरोवर एवं आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और हिमस्खलन की संभावित स्थिति, जिसमें आईटीबीपी, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मॉक एक्सरसाइज को वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों के अनुरूप गंभीरता से आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने संसाधनों, उपकरणों और मानवबल को पूरी तरह तैयार रखें तथा निर्धारित एसओपी (Standard Operating Procedure) के अनुसार कार्य करते हुए आपसी समन्वय बनाए रखें।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं तथा मॉक एक्सरसाइज में सक्रिय सहभागिता निभाई जाए।