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जनसुनवाई में उठे सड़क, पुल और वन भूमि हस्तांतरण के अहम मुद्दे, एडीएम ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती ने कई लंबित विकास कार्यों को जनसुनवाई में उठाया, 240 गांवों को लाभ पहुंचाने वाले पुल और सड़क निर्माण पर जोर
पिथौरागढ़, 27 जुलाई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती ने सड़क, पुल और वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे प्रशासन के समक्ष रखे।
उन्होंने तुलानी–चण्डिका घाट रामगंगा नदी पर प्रस्तावित 80 मीटर मोटर पुल का मामला उठाते हुए बताया कि यह परियोजना वर्ष 2006 से स्वीकृत है और मुख्यमंत्री घोषणा में भी शामिल है। उन्होंने पुल तक पहुंचने के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करने की मांग की।
इसके अलावा बेरीनाग–रीठा–रैतोली–मुवानी मोटर मार्ग के शेष लगभग 5 किलोमीटर निर्माण, पोखरी–चौली–चण्डिका घाट मार्ग के अंतिम 1.77 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा अगरून बैंड–आंवलाघाट मोटर मार्ग को विधिवत स्वीकृति देकर डामरीकरण और सुधारीकरण कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
जगत सिंह खाती ने देवलथल क्षेत्र की मेलापानी–देवलथल, देवलथल–उड़ाई, बुंगाछीना–हरिनंदा मंदिर, मसराडी–मरौठ सहित कई क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, गलाती–रमतौली (सेकला) मोटर मार्ग का निर्माण शुरू कराने तथा अंबेडकर गांव पेटखोला सड़क के डामरीकरण की भी मांग की।
जनसुनवाई में अन्य नागरिकों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। मढ़धूर निवासी हिम्मत राम ने सोलर लाइट लगाने, सामाजिक कार्यकर्ता शिव सिंह सुगड़ा ने बंदरों और जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर सोलर फेंसिंग एवं मुआवजे की मांग की। वहीं बंगापानी क्षेत्र में श्रम कार्ड बनाने और नवीनीकरण के लिए विशेष शिविर लगाने का अनुरोध भी किया गया।
इसके अलावा जाखनी वार्ड में स्कूल मार्ग की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री राहत कोष से उपचार व्यय की प्रतिपूर्ति तथा गोरी नदी पर संचालित ट्रॉलियों के पास यात्री शेड निर्माण जैसे कई जनहित के मुद्दे भी जनसुनवाई में उठाए गए।
अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा में जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और प्रत्येक प्रकरण पर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का प्रभावी एवं त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।