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बरसात में जलजनित रोगों की रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट।
चंपावत, 07 सितंबर 2026। बारिश के मौसम में जलजनित रोगों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को व्यापक निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने उपकेंद्रों के अंतर्गत आने वाले नौले, धारे और कुओं जैसे पेयजल स्रोतों से एक-एक लीटर पानी के सैंपल लेकर स्थानीय पेयजल संस्थान से अनिवार्य रूप से जांच कराने को कहा है।
इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लीकेज पेयजल लाइनों की जानकारी जुटाकर पेयजल संस्थान को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि दूषित पानी के पेयजल लाइनों में मिलने की संभावना को रोका जा सके।
खुले पेयजल स्रोतों का पानी इस्तेमाल करने वाले परिवारों को क्लोरीन की गोलियां वितरित करने के साथ उनके सही इस्तेमाल की जानकारी भी दी जाएगी।
जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के लिए ग्राम स्वच्छता समितियों का सहयोग लिया जाएगा। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सीएचओ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध पेयजल के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करेंगे।
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी क्षेत्र में जल संक्रमण की सूचना मिलने पर तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, जिला सर्विलांस कार्यालय या जल संस्थान/जल निगम को जानकारी दी जाए।
साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों और उपकेंद्रों में दूषित जल से होने वाली बीमारियों तथा मौसमी रोगों के उपचार के लिए पर्याप्त आवश्यक दवाओं का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।