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विज्ञान की उड़ान, प्रतिभा का सम्मान और नवाचार का उत्सव
विज्ञान की उड़ान, प्रतिभा का सम्मान और नवाचार का उत्सव
विकासखण्ड स्तरीय द्वितीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग 2026–27 का भव्य आयोजन
गंगोलीहाट, 20 अगस्त 2026।
विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं में घटित होने वाली कोई निष्प्राण प्रक्रिया नहीं, बल्कि जिज्ञासा को दृष्टि, दृष्टि को विचार और विचार को नवाचार में रूपांतरित करने की जीवन्त शक्ति है। इसी वैज्ञानिक चेतना, तार्किक विवेक एवं नवाचारी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हुए आज पी०एम० श्री राजकीय इण्टर कॉलेज, दशाईथल में विकासखण्ड स्तरीय द्वितीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग 2026–27 का अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय आयोजन किया गया।
इस ज्ञानोत्सव में विकासखण्ड के 47 विद्यालयों के कुल 151 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर अपनी वैज्ञानिक जिज्ञासा, बौद्धिक कौशल एवं तर्कशक्ति का परिचय दिया। दुर्गम पर्वतीय अंचल के इन विद्यालयों से विद्यार्थियों की इतनी व्यापक सहभागिता इस तथ्य का प्रमाण रही कि संसाधनों की सीमाएँ प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकतीं।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 10:30 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रधानाचार्य श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान, पी०एम० श्री राजकीय इण्टर कॉलेज दशाईथल एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय गंगोलीहाट, श्री हयात सिंह खाती ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारम्भ किया। दीपशिखा का यह प्रज्वलन वस्तुतः विद्यार्थियों की जिज्ञासा, ज्ञान और वैज्ञानिक चेतना के आलोक का प्रतीक बन गया।
प्रतियोगिता को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से दो चरणों में सम्पन्न कराया गया। प्रथम चरण में विद्यार्थियों की लिखित विज्ञान परीक्षा OMR उत्तर-पत्रों के माध्यम से आयोजित की गई। यह आयोजन की एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही कि पहली बार OMR प्रणाली का सफल प्रयोग करते हुए उत्तर-पत्रों का स्कैन कर परिणाम तैयार किए गए। प्रथम चरण का त्रुटिरहित परिणाम मात्र आधे घंटे में उपलब्ध करा दिया गया, जिसने आयोजन की तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता को नई पहचान दी।
लिखित चरण के उपरान्त चयनित प्रतिभागियों के मध्य जूनियर एवं सीनियर दोनों वर्गों में मौखिक विज्ञान क्विज आयोजित की गई। इस चरण में विद्यार्थियों ने त्वरित निर्णय क्षमता, वैज्ञानिक अवधारणाओं की समझ, तार्किक विश्लेषण तथा आत्मविश्वास का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मौखिक क्विज का कुशल संचालन श्री नितेश महरा, सहायक अध्यापक (LT), राजकीय इण्टर कॉलेज कोठेरा एवं श्री पंकज सिरौला, LT विज्ञान, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोखरी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मध्य विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई। आयोजन के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी, गंगोलीहाट ने वरिष्ठ शिक्षकों एवं आयोजन सहयोगियों के साथ विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।
विजेता प्रतिभागी
सीनियर वर्ग — प्रथम स्थान
चन्दन सिंह, कक्षा 12, रा०इ०का० तामानौली
हिमांशु पन्त, कक्षा 10, रा०उ०मा०वि० पोखरी
जूनियर वर्ग — प्रथम स्थान
दिव्यांशु पाठक, कक्षा 8, रेनैसा नर्सरी एवं स्कूल, गंगोलीहाट
शिवांश रावल, कक्षा 7, ओक वैली पब्लिक स्कूल, गंगोलीहाट
दोनों वर्गों के विजेता दल अब जनपद स्तरीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रतियोगिता में विकासखण्ड गंगोलीहाट का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस अवसर पर विकासखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों—सेराघाट, बटगेरी, दुबौला, सिनलेख, बुशैल सहित अनेक विद्यालयों से विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विकासखण्ड में वैज्ञानिक संस्कार, प्रतिस्पर्धात्मक चेतना और नवाचार की संस्कृति को सुदृढ़ करने का सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ।
ब्लॉक विज्ञान समन्वयक श्री बसन्त महरा ने आयोजन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक ही दिन में सम्पूर्ण परीक्षा सम्पन्न कराना, OMR आधारित मूल्यांकन करना और परिणाम घोषित करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि OMR उत्तर-पत्रों का पहली बार सफल प्रयोग करते हुए विद्यार्थियों को प्रथम चरण का परिणाम स्कैनिंग के पश्चात मात्र आधे घंटे में उपलब्ध कराया गया—जो आयोजन की तकनीकी तैयारी और टीम की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री कुन्दन सिंह दसौनी, उपाध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ गंगोलीहाट, ने विज्ञान शिक्षक के रूप में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। साथ ही विकासखण्ड के समस्त विज्ञान शिक्षकों का सहयोग आयोजन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार रहा।
अंततः यह विज्ञान प्रीमियर लीग इस विश्वास के साथ सम्पन्न हुई कि आज के ये जिज्ञासु विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक और राष्ट्र-निर्माता होंगे। पर्वतीय अंचल की इन प्रतिभाओं को मंच देना केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि उनके सपनों को दिशा देना है। ऐसी पहलें उस भविष्य की नींव रखती हैं जहाँ जिज्ञासा प्रश्नों को जन्म देगी, प्रश्न अनुसंधान को और अनुसंधान राष्ट्र के नवोदय को।
विज्ञान का यह दीप जलता रहे, जिज्ञासा की यह लौ प्रज्वलित रहे और गंगोलीहाट की प्रतिभाएँ जनपद से प्रदेश और प्रदेश से राष्ट्र के ज्ञान-आकाश तक अपनी उज्ज्वल पहचान बनाती रहें।
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