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गंगोलीहाट में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सातवें दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना
गंगोलीहाट में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सातवें दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना
गंगोलीहाट। बदहाल सड़कों, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं तथा मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणाओं पर अपेक्षित कार्रवाई न होने के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के समर्थन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
धरने के सातवें दिन मनोज टम्टा, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार, पुष्कर सिंह मेहरा और धरम सिंह मौरा क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र की समस्याओं को जल्द दूर करने की मांग उठाई।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और आवश्यक संसाधनों की कमी तथा सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर की गई घोषणाओं के बावजूद कई कार्य अब तक धरातल पर शुरू नहीं हुए हैं। उन्होंने सरकार से घोषणाओं को शीघ्र अमल में लाने और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की।
धरना स्थल पर रनकोट के ग्राम प्रधान सुन्दर प्रसाद, देवराला के पूर्व ग्राम प्रधान महेश लाल, चौनला के पूर्व ग्राम प्रधान फकीर सिंह, महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष सोनी कोहली और ब्लॉक अध्यक्ष रमा खाती ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। इसके अलावा नवीन उप्रेती, दीपक रावल, हीरा सिंह, मुकेश कुमार, नारायण राम और तारा देवी सहित कई स्थानीय नागरिक भी आंदोलन में शामिल हुए।
आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते और मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर धरातल में कार्य शुरू नहीं होता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।