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सड़क नहीं, तो डोली ही सहारा: 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 3 किमी पैदल ढोकर अस्पताल पहुंचाया।
25 वर्षों से सड़क और पानी का इंतजार कर रहे पभ्या गांव के ग्रामीण, पलायन से घटती जा रही आबादी
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। विकास के तमाम दावों के बीच सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के गणाई गंगोली तहसील क्षेत्र से पहाड़ की बदहाल व्यवस्था की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। ग्राम मासी के पभ्या गांव में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण बारिश में फिसलकर घायल हुईं 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला भागरथी देवी को ग्रामीणों ने डोली के सहारे करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेरीनाग ले गए।
25 साल से सड़क और पानी का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि पभ्या गांव के लोग पिछले 25 वर्षों से सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
पलायन से गांव में घट गई आबादी
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में गांव से लगातार पलायन हो रहा है। स्थिति यह है कि घायल बुजुर्ग महिला को डोली में अस्पताल तक पहुंचाने के लिए गांव में मात्र तीन लोग ही उपलब्ध हो सके।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क सुविधा के अभाव में किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को इसी तरह पैदल और डोली के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द गांव को सड़क से जोड़ने और पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
25 साल का इंतजार... फिर भी सड़क नहीं। आखिर पहाड़ के गांवों तक विकास कब पहुंचेगा?