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आशा कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम वेतन और मानदेय को लेकर खोला मोर्चा, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी।
गंगोलीहाट। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (संबद्ध ऐक्टू) से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा, पेंशन और 11,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय की मांग को लेकर तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी गंगोलीहाट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व उनकी जायज मांगों का समयबद्ध निस्तारण नहीं किया गया, तो वे संपूर्ण प्रदेश में अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।
यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष उमा महरा के नेतृत्व में जुटीं आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर श्रम के शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मातृ-शिशु सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य विभाग के हर छोटे-बड़े अभियान को वे रात-दिन धरातल पर उतारती हैं, लेकिन उन्हें दैनिक मजदूर से भी कम पैसा दिया जा रहा है। सरकार विधायकों के वेतन-भत्ते तो लगातार बढ़ा रही है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशाओं के इंसेंटिव में भी कटौती की जा रही है।
कार्यकर्ताओं ने याद दिलाया कि 31 अगस्त 2021 को खटीमा स्थित कैंप कार्यालय में वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने 11,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय नियत करने का लिखित वादा किया था, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी यह प्रस्ताव फाइलों में दबा पड़ा है।
ज्ञापन की प्रमुख बिंदु
खटीमा वार्ता के अनुसार 11,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय का 2021 का प्रस्ताव तुरंत लागू हो।
आशाओं को न्यूनतम वेतन देकर राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए और सेवानिवृत्ति पर अनिवार्य पेंशन दी जाए।
रिटायरमेंट के समय 10 लाख रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता का प्रावधान हो।
विभिन्न मदों का अटका हुआ बजट प्रतिमाह अनिवार्य रूप से जारी किया जाए।
पल्स पोलियो और ट्रेनिंग के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये मानदेय का भुगतान हो।
स्वास्थ्य केंद्रों में आशा घर का निर्माण, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और एनजीओ की व्यवस्था समाप्त की जाए।
अकारण और मनमाने तरीके से आशा कार्यकर्ताओं की छंटनी पर तुरंत रोक लगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष उमा महरा, किरन, शांति, ममता देवी, तारा महरा, मंजू महरा, शांति देवी, रेखा सोन, सीमा देवी, हेमा जोशी, रीता कोठारी, दीपा उप्रेती, दीपा मेहरा, उमा जोशी, चंदा खाती, पुष्पा देवी, कमला मकारी, रेखा पंत, विमला देवी, सुनीता उप्रेती, शांति देवी, दीपा भट्ट, गीता कांडा, बीना महरा, बसंती देवी, मोहिनी देवी, ललिता देवी, प्रभा भट्ट सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।