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चम्पावत में दक्षता आधारित आकलन से परखी गई विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की क्षमता।
चम्पावत, 08 सितम्बर 2026।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप जनपद के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की वास्तविक अधिगम स्थिति जानने और कमजोर दक्षताओं की पहचान कर उनमें सुधार लाने के लिए दक्षता आधारित आकलन आयोजित किया गया।
इसके तहत कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों में कक्षा के अनुरूप दक्षताओं के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह ने बताया कि आकलन का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों के अंक निर्धारित करना नहीं, बल्कि यह जानना है कि बच्चों ने विषयों की मूलभूत अवधारणाओं को कितना समझा है और उन्हें किन क्षेत्रों में अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता है।
आकलन के परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों की कमजोर दक्षताओं की पहचान कर विद्यालय स्तर पर उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) कराया जाएगा।
कक्षा 2 में भाषा और गणित के कुल 10 प्रश्नों के माध्यम से 10 अंकों का आकलन किया गया। कक्षा 5 में भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन के 15 प्रश्न तथा कक्षा 8 में भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के 20 प्रश्न शामिल किए गए। प्रश्नों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के साथ पठन-बोध को भी शामिल किया गया।
विभाग द्वारा 07 से 28 सितम्बर 2026 तक उपचारात्मक शिक्षण और विद्यार्थियों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 28 सितम्बर को मध्यावधि आकलन के माध्यम से विद्यार्थियों की दक्षताओं में सुधार का मूल्यांकन किया जाएगा। विभाग ने अधिगम स्तर में कम से कम 10 प्रतिशत सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को आकलन के परिणामों का गंभीरता से विश्लेषण कर कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और घर पर अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की गई है।
उन्होंने कहा कि सही आकलन से विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक जरूरतों की पहचान की जा सकती है। कमजोर दक्षताओं पर समय रहते विशेष ध्यान देकर प्रत्येक बच्चे को सीखने में आगे बढ़ाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।