🔊
मेरी आंगनवाड़ी, मेरी जिम्मेदारी थीम पर मनाया जाएगा 9वां राष्ट्रीय पोषण माह।
स्वस्थ मां और सुपोषित बच्चे से बनेगा सशक्त समाज - जिलाधिकारी
पोषण के साथ बच्चों के प्रारंभिक विकास और महिला सशक्तीकरण पर रहेगा विशेष जोर
चम्पावत, 11 सितम्बर 2026। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की मुख्य थीम ‘मेरी आंगनवाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ निर्धारित की गई है। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय और विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और बच्चों के बेहतर पोषण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और बच्चों के प्रारंभिक विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने बाल विकास विभाग के अधिकारियों को पोषण माह के तहत निर्धारित गतिविधियों का चरणबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पोषण अभियान को केवल विभागीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी से जोड़ना जरूरी है। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों और उनके परिवारों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जाए और आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार जरूरी है। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को संतुलित डाइट चार्ट और स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करने के साथ नियमित रूप से शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करने की बात कही।
विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण और बच्चों के पोषण में आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आंगनवाड़ी कार्यकर्तियां जमीनी स्तर पर महिलाओं और बच्चों तक सरकारी योजनाओं और पोषण संबंधी सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण का संदेश देते हुए गर्भवती महिलाओं पुष्पा बिष्ट, रेनू पाण्डेय, रंजना जोशी और कविता बडौला की गोद भराई की गई तथा उन्हें पोषण किट प्रदान की गई। वहीं अनिता चौधरी और दीपा चौधरी को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित होने वाली गतिविधियों में महिलाओं, अभिभावकों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय समुदाय की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ‘मेरी आंगनवाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ की भावना को जनभागीदारी के साथ धरातल पर प्रभावी रूप से साकार किया जाए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस बृजवाल ने बताया कि पोषण माह के दौरान आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं पौष्टिक हॉट कुक्ड मील, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बाल विकास के लिए पोषण एवं प्रारंभिक उद्दीपन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को लेकर विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इसके अलावा स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों, दालों, मोटे अनाज, फल-सब्जियों, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इंद्रजीत पांडे, जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन बिष्ट, डीओ पीआरडी जशवंत खड़ायत, जिला उद्योग प्रबंधक सुमेधा पंत, सीडीपीओ राजेंद्र प्रसाद बिष्ट सहित पुलिस विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।